ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मनोरंजन

चार साल से इंडस्ट्री से क्यों दूर हैं रतन राजपूत? अभिनेत्री ने किया सबसे बड़े दर्द का खुलासा

‘अगले जन्म मोहे बिटिया ही किजो’ से घर-घर में मशहूर हुईं टीवी अभिनेत्री रतन राजपूत लंबे समय से छोटे पर्दे से गायब हैं। वह आखिरी बार टीवी सीरियल ‘संतोषी मां’ में नजर आई थीं। हालांकि, रतन सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं और अक्सर अपनी जिंदगी के बारे में बड़े-बड़े खुलासे करती नजर आई हैं। वहीं, अब रतन राजपूत ने एक इंटरव्यू दिया है, जिसमें उन्होंने टीवी जगत से ब्रेक लेने की वजह बताई है।

रतन राजपूत ने अपने लेटेस्ट इंटरव्यू में बताया कि 2018 में पिता के निधन के बाद वह जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर में पहुंच गई थीं। वह अपने सबसे नीचले स्तर पर थीं। यह वो समय था जब उनका टीवी सीरियल ‘संतोषी मां’ खत्म हो चुका था। अभिनेत्री ने कहा, ‘2018 में संतोषी मां के खत्म होने के ठीक एक दिन बाद मैंने अपने पिता को खो दिया था। यह मेरे लिए बहुत बड़ा झटका था। उन दिनों मैं डिप्रेशन में चली गई और कुछ भी नहीं करना चाहती थी।’

रतन राजपूत ने बताया कि ठीक होने के लिए उन्होंने मनोवैज्ञानिकों से परामर्श किया। इसके बाद ही रतन ने इंडस्ट्री को छोड़ यात्रा और खेती करने का फैसला किया, जिसके बाद रतन राजपूत की स्थिति में सुधार भी आया। रतन राजपूत ने यह भी बताया कि उन्होंने मुंबई छोड़ने के बाद एक ही गांव में तीन महीने बिताए थे।

रतन ने कहा, ‘तीन महीने तक गांव में रहकर खेती करना मेरे लिए इलाज की तरह था। उससे मुझे काफी हद तक मदद मिली थी। उन दिनों मैंने यह सीखा कि गांव में लोग दिखावा मुक्त जीवन जीते हैं। मैंने वहां अपने समय को एंजॉय किया और इस यात्रा में मैंने खुद की तलाश भी की है। साथ ही गांव में रहने के बाद मुझे जीवन के प्रति एक नया दृष्टिकोण भी मिला है। बता दें कि रतन राजपूत अब इंडस्ट्री में वापसी करने के लिए तैयार हैं।

Related Articles

Back to top button