ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
विदेश

इंडोनेशिया में बच्चों के सारे सिरप प्रतिबंधित

इंडोनेशिया सरकार ने देश में बच्चों के सिरप व सारी लिक्विड दवाएं प्रतिबंधित कर दी हैं। पिछले कुछ माहों में 99 बच्चों की मौत को देखते हुए यह फैसला किया गया है।
मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि सिरप लेने के बाद बच्चों की किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा। इस कारण बच्चों के सारे सिरप व तरल दवाओं की खुराक के विक्रय पर रोक लगा दी गई है। पाबंदी की घोषणा इंडोनेशिया के स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने की। उनके अनुसार देश में बच्चों की मौतों के आंकड़े में जनवरी के बाद जबर्दस्त बढ़ोतरी हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता मुहम्मद सयारिल मंसूर के अनुसार 20 प्रांतों में 99 मौतों की सूचना मिली है।
डॉक्टरों को सिरप नहीं लिखने का निर्देशमंसूर ने कहा कि एहतियात के तौर पर मंत्रालय ने सभी अस्पतालों व डॉक्टरों को सिरप या तरल दवाएं नहीं लिखने का निर्देश दिया गया है। मंत्रालय ने दवा दुकानों को भी जांच पूरी होने तक इन सिरप का विक्रय नहीं करने व काउंटर से हटाने का निर्देश दिया है।
इंडोनेशिया में बच्चों की मौत का मामला तब सामने आया जब है अफ्रीकी देश गांबिया में सर्दी खांसी के सिरप के सेवन से 70 बच्चों की मौत की जांच जारी है। डब्ल्यूएचओ ने मामले की जांच के बाद भारत की एक फार्मा कंपनी के कफ सिरप का इस्तेमाल नहीं करने की चेतावनी दी थी। इस सिरप में कथित तौर पर डायथिलीन ग्लाइकॉल और एथिलीन ग्लाइकॉल का अत्यधिक स्तर था। भारत में निर्मित कफ सीरप से बच्चों की मौत के मामले की स्वदेश में भी जांच जारी है।

Related Articles

Back to top button