ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
छत्तीसगढ़

कबड्डी ने ली आदिवासी महिला की जान, BJP बोली – समय पर मिलती एम्बुलेंस तो वो बच सकती थी

रायपुर: छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के एक और खिलाड़ी की मौत हो गई। कोंडागांव की रहने वाली आदिवासी महिला की कबड्डी खेलते हुए जान चली गई। भारतीय जनता पार्टी और महिला के परिजन अब स्थानीय प्रशासन पर आरोप लगा रहे हैं। कहा जा रहा है कि समय पर एंबुलेंस ना मिलने की वजह से महिला की मौत हो गई।मामला कोंडागांव जिले के मांझी बोर्ड मैदान का है। 14 अक्टूबर को यहां छत्तीसगढ़ ओलंपिक का आयोजन किया गया था। गांव की महिला शांति मंडावी यहां कबड्डी खेलने पहुंची थी। खेलते खेलते शांति अचानक बेहोश हो गई वह मैदान पर ही गिर पड़ी । भागकर घर वाले शांति के करीब आए और आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।शांति के पति उमेश मंडावी ने कहा कि जिला अस्पताल वालों ने महिला को रायपुर भेजने की बात कह दी। सिटी स्कैन में पता चला कि सिर में ब्लड जम रहा है। परिजनों उसे रायपुर लेकर आए। मगर अस्पताल पहुंचने के 5 मिनट बाद ही डॉक्टर ने शांति को मृत घोषित कर दिया।समय पर नहीं मिली एंबुलेंसरायपुर के पचपेड़ी नाका स्थित प्राइवेट अस्पताल में मौत की खबर सुनकर भाजपा नेता अनुराग अग्रवाल परिजनों से मिलने पहुंचे। अनुराग ने परिजनों से बात की तो पता चला कि कोंडागांव के जिला अस्पताल से जब महिला को रायपुर रेफर किया गया तब वहां सरकारी एंबुलेंस खराब होने का की बात कह दी गई । परिजनों से अस्पताल वालों ने कह दिया कि अपने स्तर पर व्यवस्था करके मरीज को रायपुर ले जाएं। मरीज के परिजन देर तक परेशान होते रहे । उन्हें वक्त पर एंबुलेंस नहीं मिली। यदि एंबुलेंस सही समय पर मिल जाती तो महिला की जान बचाई जा सकती थी।हमारी मदद करने वाला कोई नहींअपनी पत्नी की जान बचाने की कोशिश करते हुए उसे साथ लेकर रायपुर आए उमेश मंडावी ने मीडिया को बताया कि हमें किसी तरह की मदद नहीं मिली। इतना बड़ा खेल आयोजन हो रहा है वहां मेडिकल सुविधा होनी चाहिए थी। मगर वहां मेडिकल सुविधा नहीं थी। यदि होती तो मेरी पत्नी की जान इस तरह से नहीं जाती।1 सप्ताह में दूसरी मौतछत्तीसगढ़िया ओलंपिक में खेल के दौरान हुई यह मौत का दूसरा मामला है । पहली घटना रायगढ़ में हुई जहां एक युवक इसी तरह कबड्डी खेलते हुए दूसरे युवक से टकराकर जमीन पर गिरा और उसकी मौत हो गई । और अब कोंडागांव का यह मामला सामने आया है , जिसकी वजह से आयोजन विपक्ष के लिए बड़ा सियासी मुद्दा बन चुका है। 2 साल पहले इसी तरह धमतरी में भी एक कबड्डी खेल के आयोजन के दौरान युवक की जान चली गई थी।

Related Articles

Back to top button