ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
व्यापार

महंगाई का एक और झटका, अमूल दूध हुआ महँगा

फेस्टिव सीजन पर आम लोगों को महंगाई का एक और झटका लगा है. अमूल ने दिल्ली क्षेत्र में दूध की कीमतों में 2 रुपये की बढ़ोतरी की है. दिल्ली में अब एक लीटर फुल क्रीम दूध की कीमत बढ़कर 63 रुपये प्रति लीटर हो गई है. इससे पहले अगस्त में भी दूध की कीमतों में बढ़त की गई थी. कल ही आए महंगाई दर के आंकड़ों के अनुसार पशुओं के चारे की महंगाई दर 25 प्रतिशत से ऊपर 9 साल के रिकॉर्ड स्तर के करीब बनी हुई है. इससे दूध उत्पादन करने वाले किसानों की लागत में तेज उछाल आया है. अमूल बढ़ती लागत का हवाला देकर ही कीमतों में बढ़ोतरी कर रही है.

कितनी बड़ी कीमत
आज हुई कीमतों में बढ़त अप्रत्याशित रही हैं. सुबह लोगों को बढ़ी हुई दरों पर दूध मिला है. हालांकि गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन ने इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है. फिलहाल बाजार में फुल क्रीम दूध 2 रुपये महंगा हो गया है और नई दरें 61 रुपये से बढ़कर 63 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई हैं. इससे पहले अगस्त में अमूल और मदरडेयरी ने दूध की कीमत 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई थीं. वहीं मार्च में भी दूध के दाम बढ़ा दिए गए थे. पिछले दोनो बार फेडरेशन ने कहा था कि किसानों की दूध उत्पादन की लागत लगातार बढ़ रही है जिससे उनकी आय घटी है. किसानों को राहत देने के लिए ही दूध के दामों में बढ़त की गई है.

महंगे चारे से बढ़ा दबाव
दूध के महंगे होने की मुख्य वजह पशुओं का चारा महंगा होना है. कल जारी हुए आंकड़ों के मुताबिक सितंबर के महीने में चारे की महंगाई दर 25.23 प्रतिशत रही है. जो कि पिछले साल के इसी महीने में 20.57 प्रतिशत पर थी. अगस्त के महीने में चारे की महंगाई दर 25.54 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई थी जो कि 9 साल का उच्चतम स्तर था. सितंबर में इसमें बेहद मामली राहत दिखी है लेकिन कीमतें अभी भी चिंताजनक स्तर पर ही हैं. स्थिति ये है कि चारे की महंगाई दर थोक महंगाई दर से दोगुनी से भी अधिक के स्तर पर कायम है. कल आए आंकड़ों के अनुसार सितंबर के महीने में थोक महंगाई दर घटकर 10.7 प्रतिशत पर आ गई है जो कि इससे पिछले महीने 12.41 प्रतिशत पर थी. वहीं थोक कीमतों पर आधारित खाद्य महंगाई 9.93 प्रतिशत से घटकर 8.08 प्रतिशत पर आ गई है.

Related Articles

Back to top button