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एसआईआर सर्वे शिक्षकों के लिए बना आफ़त निलंबन के दूसरे दिन बीएलओ की मौतः सागर में अब तक 9 बीएलओ सस्पेंड; दतिया में शिक्षक ने कर ली थी आत्महत्या

निलंबन के दूसरे दिन बीएलओ की मौतः सागर में अब तक 9 बीएलओ सस्पेंड; दतिया में शिक्षक ने कर ली थी आत्महत्या मध्यप्रदेश में एसआईआर सर्वे (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) की जिम्मेदारी शिक्षकों को दी गई है। बीएलओ बनने पर उनका वर्कलोड बढ़ गया है। वहीं, काम में लापरवाही सामने आने पर शिक्षकों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। झाबुआ में एक बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) की निलंबन के अगले ही दिन मौत हो गई। मंगलवार को झाबुआ जिला निर्वाचन अधिकारी ने बीएलओ (SIR) कार्य में लापरवाही के आरोप में निलंबित किया था। परिवार का कहना है कि निलंबन आदेश मिलने के बाद वे तनाव में थे। इससे पहले 11 नवंबर को दतिया में एक टीचर ने स्कूल परिसर में वॉशरूम में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया था। जांच में सामने आया कि शिक्षक एसआईआर के तनाव में थे। उन्हें मोबाइल चलाना नहीं आता था। उन्हें बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया था, जिससे वे परेशान चल रहे थे। इधर, सागर जिले में वोटर लिस्ट सर्वे के कार्य में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर संदीप जीआर और जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले में अब तक 9 बीएलओ को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा एसआईआर सर्वे में काम धीमा और प्रगति शून्य पाए जाने पर 3 एसडीएम और 15 तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

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