ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मुख्य समाचार

पांच बेटो के 96 बर्षीय मात-पिता की दयनीय स्थिति लड़के करते हैं मारपीट भुखमरी की स्थिति नहीं करते भरण-पोषण।

मुरैना, कलयुग का प्रभाव बढ़ता ही जा रहा है जिन बेटों को पढ़ा लिखाकर काबिल बनाया, जिनके शादी धूम धाम से की, वे बेटे संपत्ति पाते ही अपना फर्ज भूल गए। ये दर्द 96 साल के एक बुजुर्ग और उनकी पत्नी का है, जो इन समय खाने के लिए भी मोहताज हैं। 5 बेटों में से एक भी उनका भरण पोषण करने को तैयार नहीं है। परेशान दंपत्ती अब प्रशासन से मदद मांग रहा है, ताकि प्रशासन उनके बेटों से उन्हें गुजारे के लिए कुछ दिला सके एसडीएम वीरेंद्र कटारे के सामने एक 96 वर्षीय वृद्ध व्यक्ति हाथ जोड़ते हुए आया। उसने बताया कि वह पासौन कलां गांव का रहने वाला है। बुजुर्ग महीपत धाकड़ ने बताया कि उसके पास जमीन, जायदाद, पशुधन आदि सब कुछ है। लेकिन उसके 5 बेटों ने जबरन जमीन आपस में बांट ली है। बुजुर्ग कहना है कि अब वे पति और पत्नी दोनों अकेले रहते हैं और खाने के लिए भी परेशान हैं। महीपत का कहना है कि बेटे खाना पीना तो दूर, दवाई और इलाज के लिए भी पैसे नहीं दते। जोर डालने पर बेटे बुजुर्गों के साथ मारपीट भी करते हैं। बुजुर्गों का कहना था कि अगर अगर एक दो दिन की बात होती तो वे मांग कर खा लेते लेकिन खाने को रोजाना चाहिए और बेटे सेवा करने को तैयार नहीं हैं, बुजुर्गों ने बताया कि उन्होंने सुना था कि अगर प्रशासन चाहते तो ऐसे बेसहारा बुजुर्गों को उनकी संतान से गुजारा भत्ता दिला सकता है। इसके तहत बुजुर्ग ने भरण-पोषण अधिनियम के तहत गुजारा दिलवाने के लिए एसडीएम से गुहार की। वहीं एसडीएम वीरेंद्र कटारे ने तुरंत ही मामला जांच में लेकिन बुजुर्ग दंपत्ति को प्रशासनिक निगरानी में रखवाया है और फिलहाल उनके खाने पीने की व्यवस्था प्रशासन की तरफ से करवाई है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button