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पांच बेटो के 96 बर्षीय मात-पिता की दयनीय स्थिति लड़के करते हैं मारपीट भुखमरी की स्थिति नहीं करते भरण-पोषण।
मुरैना, कलयुग का प्रभाव बढ़ता ही जा रहा है जिन बेटों को पढ़ा लिखाकर काबिल बनाया, जिनके शादी धूम धाम से की, वे बेटे संपत्ति पाते ही अपना फर्ज भूल गए। ये दर्द 96 साल के एक बुजुर्ग और उनकी पत्नी का है, जो इन समय खाने के लिए भी मोहताज हैं। 5 बेटों में से एक भी उनका भरण पोषण करने को तैयार नहीं है। परेशान दंपत्ती अब प्रशासन से मदद मांग रहा है, ताकि प्रशासन उनके बेटों से उन्हें गुजारे के लिए कुछ दिला सके एसडीएम वीरेंद्र कटारे के सामने एक 96 वर्षीय वृद्ध व्यक्ति हाथ जोड़ते हुए आया। उसने बताया कि वह पासौन कलां गांव का रहने वाला है। बुजुर्ग महीपत धाकड़ ने बताया कि उसके पास जमीन, जायदाद, पशुधन आदि सब कुछ है। लेकिन उसके 5 बेटों ने जबरन जमीन आपस में बांट ली है। बुजुर्ग कहना है कि अब वे पति और पत्नी दोनों अकेले रहते हैं और खाने के लिए भी परेशान हैं। महीपत का कहना है कि बेटे खाना पीना तो दूर, दवाई और इलाज के लिए भी पैसे नहीं दते। जोर डालने पर बेटे बुजुर्गों के साथ मारपीट भी करते हैं। बुजुर्गों का कहना था कि अगर अगर एक दो दिन की बात होती तो वे मांग कर खा लेते लेकिन खाने को रोजाना चाहिए और बेटे सेवा करने को तैयार नहीं हैं, बुजुर्गों ने बताया कि उन्होंने सुना था कि अगर प्रशासन चाहते तो ऐसे बेसहारा बुजुर्गों को उनकी संतान से गुजारा भत्ता दिला सकता है। इसके तहत बुजुर्ग ने भरण-पोषण अधिनियम के तहत गुजारा दिलवाने के लिए एसडीएम से गुहार की। वहीं एसडीएम वीरेंद्र कटारे ने तुरंत ही मामला जांच में लेकिन बुजुर्ग दंपत्ति को प्रशासनिक निगरानी में रखवाया है और फिलहाल उनके खाने पीने की व्यवस्था प्रशासन की तरफ से करवाई है।


