ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मुख्य समाचार

संपत्ति के लिए मां-बाप की दी सुपारी, छोटे भाई की कराई हत्या; बेटे ने ऐसे रची साजिश।

गडग। कर्नाटक के गडग में चार लोगों की हत्या के मामले में पुलिस ने सुपारी किलिंग गिरोह को पकड़कर इस मामले को सुलझा लेने का दावा किया है। इस हत्याकांड में बड़े बेटे विनायक बकाले ने संपत्ति के विवाद में अपने छोटे भाई और मां-बाप की हत्या कराने के लिए 65 लाख रुपये की सुपारी दी थी। हालांकि साजिश पूरी तरह सफल नहीं रही और उसके मां-बाप की जान बच गई। बाल-बाल बचे माता-पिता पुलिस के अनुसार विगत 19 अप्रैल को गडग के दसारा ओनी में 35 वर्षीय विनायक ने सुपारी लेकर हत्या करने वाले गिरोह के हाथों अपने छोटे भाई कार्तिक बकाले (27), नजदीकी रिश्तेदार परशुराम हदीमनी (55), लक्ष्मी हदीमनी (45) और आकांक्षा हदीमनी (16) को मरवा दिया। निशाने पर उसके माता-पिता क्रमश: सुनंदा बकाले और प्रकाश बकाले बाल-बाल बच गए। भाजपा के स्थानीय नेता हैं प्रकाश और सुनंदा प्रकाश और सुनंदा भाजपा के स्थानीय नेता हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि कार्तिक की शादी तय हो गई थी और उसमें शामिल होने के लिए ही हदीमनी परिवार वहां आया था। इस हत्याकांड के बाद जब देखा गया कि घर से शादी के गहने और अन्य कीमती सामानों को हाथ तक नहीं लगाया गया है तो यह साफ हो गया कि इस हत्याकांड का कारण लूटपाट कतई नहीं था। 65 लाख रुपये में दी थी सुपारी आइजी पुलिस (नार्थ जोन) विकास कुमार ने बताया कि विनायक ने सुपारी के 65 लाख रुपये फिरोज को दिए थे, जिससे उसने वाहन और हथियारों का इंतजाम किया। वारदात में शामिल गिरोह के अन्य सदस्यों में फिरोज काजी (29), जिशान काजी (24), जुड़वां भाई सोहेल अशफाक काजी (19), साहिल अशफाक काजी (19) सभी गडग से, सुल्तान जिलानी शेख (23), महेश जगन्नाथ सालुके (21) सभी महाराष्ट्र के सांगली से पकड़े गए हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button