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मुरैना सीट पर हिंसक हुई चुनावी जंग, कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थकों और भाई पर चली गोली।
मुरैना लोकसभा सीट पर चुनावी जंग हिंसक होती जा रही है। कांग्रेस प्रत्याशी सत्यपाल सिंह सिकरवार के भाई नरेंद्र सिंह सिकरवार पर जानलेवा हमला हुआ है मुरैना लोकसभा सीट पर चुनावी जंग ने हिंसक रूप अख्तियार कर लिया है। कांग्रेस के प्रत्याशी सत्यपाल सिंह सिकरवार उर्फ नीटू के भाई नरेंद्र सिंह सिकरवार पर जानलेवा हमला हुआ है। बताया जाता है कि नरेंद्र सिंह सिकरवार अंबाह जनपद के अंतर्गत आने वाले गांव रूअर में चुनाव प्रचार कर रहे थे। उनके साथ में गांव के सरपंच गुड्डू तोमर भी थे। इसी दौरान वहां हिस्ट्रीसीटर सोनू तोमर पुत्र बसंत सिंह तोमर ने फायरिंग कर दी। जैसे ही इस हमले की सूचना पुलिस को लगी एक टीम मौके पर पहुंची और हालात को संभाला। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। वहीं कांग्रेस के प्रत्याशी सत्यपाल सिंह सिकरवार ने कहा कि मेरे भाई नरेंद्र सिंह सिकरवार पर अंबाह जनपद के गांव रूअर में चुनाव प्रचार के दौरान जानलेवा हमला किया है। उन पर फायरिंग की गई है। हमले के दौरान गांव के सरपंच भी साथ थे। हिस्ट्रीशीटर सोनू तोमर पुत्र बसंत सिंह तोमर ने यह जानलेवा हमला किया है। कई राउंड फायरिंग की गई है। मैने इस संबंध में प्रशासन से बात की है। मैं अपील करना चाहता हूं कि चुनाव शांतिपूर्ण होना चाहिए। मुझे लगता है कि भाजपा को हार साफ दिखाई दे रही है। मेरे परिवार के लोग घर घर जाकर वोट मांग रहे थे उस दौरान हमला हुआ। यह लोकतंत्र पर हमला है। कांग्रेस के प्रत्याशी सत्यपाल सिंह सिकरवार ने कहा कि यह किसी के लिए ठीक नहीं है। लोगों से अपील है सभी शांति व्यवस्था बनाए रखें। वहीं एडिशन एसपी अरविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि यह अंबाह थाना क्षेत्र के रूअर गांव की घटना है। इसमें मूल रूप से पक्ष है, एक सोनू तोमर और दूसरा गुड्डू तोमर है। सोनू तोमर की से फायरिंग की गई है। सोनू तोमर और गुड्डू तोमर में पंचायत चुनाव 2015 के बाद से ही विवाद चल रहा है। दोनों के बीच 2021 में भी विवाद हुआ था। फिलहाल पुलिस अभी जांच कर रही है। विश्लेषकों का कहना है कि मुरैना लोकसभा सीट पर इस बार कांटे का मुकाबला है। यही कारण है कि यह अतिसंवेदनशील मानी जा रही है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने बेहद कद्दावर उम्मीदवार उतारे हैं। इस बार उपद्रव रोकना पुलिस के सामने बड़ी चुनौती है। दोनों उम्मीदवार क्षत्रिय समाज से हैं, इस वजह से तगड़ा संघर्ष देखने को मिल रहा है। शांतिपूर्ण मतदान के लिए ही पुलिस अधीक्षक ने अतिरिक्त पुलिस फोर्स मांगी है।



