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सोनिया गांधी थी राजी, राहुल की मोदी से नाराजी ने बिगाड़ा जमा जमाया खेल।
दिल्ली। कांग्रेस को उम्मीद नही थी अन्य दल अलग राह पकड़ लेंगे और वह इस प्रसंग में अलग थलग पड़ जाएंगी। देश की सबसे पुरानी पार्टी से ज्यादा समझदार तो सपा, बसपा, आप, टीएमसी, जनता दल, राजद आदि निकले। इन पार्टियों ने कांग्रेस जेसा कोई घोषित विरोध या फरमान जारी नहीं किया शुद्ध अल्पसंख्यक वोटर्स के दम पर राजनीति कर रही सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने भी ऐलान कर दिया सपरिवार अयोध्या जाएंगे। ममता बनर्जी कोलकाता के काली मंदिर में 22 जनवरी को पूजन करेंगी। एक सर्वधर्म पदयात्रा भी मुहूर्त के समय निकालेंगी। आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल की सुंदरकांड की जाजम बिछ चुकी हैं और उन्होंने इसे हर माह करने की घोषणा भी की। बसपा सुप्रीमो मायावती ने तो प्रेस कॉन्फ्रेंस कर समारोह का स्वागत कर दिया। नीतीश-तेजस्वी का बिहार और राजद-जनता दल भी कांग्रेस जैसे फरमान से साफ बचे। कांग्रेस एकमात्र ऐसी पार्टी रही जो घोषणा कर रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह से दूर हुई।


