ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
देश

शिवसेना के बाद अब होगा NCP का फैसला, अजित पवार गुट की अयोग्यता पर बड़ी खबर इसी महीने

मुंबई। महाराष्ट्र में शिवसेना विधायकों की बगावत पर विधानसभा स्पीकर का बड़ा फैसला आ गया। विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने साफ कर दिया कि एकनाथ शिंदे गुट ही असली शिवसेना है।

ताजा खबर यह है कि शिवसेना के बाद अब इसी महीने शरद पवार की पार्टी एनसीपी में हुए बगावत पर फैसला आ सकता है। शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने बगावत करते हुए भाजपा+शिवसेना गठबंधन का दामन थाम लिया था। इसके बाद एनसीपी में भी विधायकों की अयोग्यता का केस चल रहा है।

एनसीपी विधायकों की अयोध्या पर फैसला 31 जनवरी को संभव

शिवसेना विवाद की तर्ज पर विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर को एनसीपी विधायकों की अयोग्यता पर भी फैसला करना है। स्पीकर के समक्ष मामले की सुनवाई जारी है।

माना जा रहा है कि 20 जनवरी तक क्रॉस एग्जामिनेशन पूरा कर लिया जाएगा। क्रॉस एग्जामिनेशन को लेकर फाइनल सुनवाई 23 जनवरी को हो सकती है। इसके बाद 25 जनवरी को एक और सुनवाई के बाद 27 जनवरी को अंतिम सुनवाई कर ली जाएगी और 31 जनवरी को फैसला सुना दिया जाएगा।

महाराष्ट्र की राजनीति का लोकसभा चुनावों पर असर

शिवसेना को लेकर स्पीकर का फैसला उद्धव ठाकरे के लिए बड़ा झटका रहा। इसका असर लोकसभा चुनाव पर पड़ेगा। एकनाथ शिंदे का मजबूत होना विपक्षी दलों के गठबंधन INDIA के लिए बुरी खबर है। इसी तरह यह अजित पवार गुट के पक्ष में फैसला गया, तो शरद पवार को झटका लगेगा। सीट शेयरिंग पर इसका असर होगा।

Related Articles

Back to top button