ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
देश

अखिलेश यादव के आरोपों का मायावती ने दिया जवाब, बोलीं- मुलायम सिंह ने दिया था BJP को जीत का आशीर्वाद

इंदौर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान के बाद अब बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी जवाबी हमला बोला है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को अपना ध्यान साम्प्रदायिक ताकतों से लड़ने में लगाना चाहिए। वह कितने भाजपा के करीब हैं, यह जनता जानती है।

मायावती ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा कि अपनी व अपनी सरकार की खासकर दलित-विरोधी रही आदतों, नीतियों और कार्यशैली आदि से मजबूर सपा प्रमुख बीएसपी के खिलाफ बिना अधार के बयानबाजी कर रहे हैं। वह ऐसा करने से पहले अपने गिरेबान में भी झांककर जरूर देख लें कि उनका दामन भाजपा को बढ़ाने व उनसे मेलजोल के मामले में कितना दागदार है।

सम्प्रदायिक ताकतों से लडे़ सपा

1. अपनी व अपनी सरकार की ख़ासकर दलित-विरोधी रही आदतों, नीतियों एवं कार्यशैली आदि से मजबूर सपा प्रमुख द्वारा बीएसपी पर अनर्गल तंज़ कसने सेे पहले उन्हें अपने गिरेबान में भी झांँककर जरूर देख लेना चाहिए कि उनका दामन भाजपा को बढ़ाने व उनसे मेलजोल के मामले में कितना दाग़दार है।

— Mayawati (@Mayawati) January 7, 2024

उन्होंने आग लिखा कि तत्कालीन सपा प्रमुख ने भाजपा को संसदीय चुनाव जीतने से पहले व बाद में आर्शीवाद दिए था। यह कौन भुला सकता है। उसके बाद भाजपा सरकार बनने पर उनके नेतृत्व से सपा नेतृत्व का मिलना-जुलना जनता कैसे भूला सकती है। ऐसे में सपा साम्प्रदायिक ताकतों से लडे़ तो यह उचित होगा।

अखिलेश ने मायावती के भरोसे पर उठाया था सवाल

अखिलेश यादव से गुरुवार को पत्रकारों ने सवाल किया क्या इंडिया गठबंधन में बसपा शामिल हो सकती है। इस सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी (मायावती) की जिम्मेदारी कौन लेगा। अखिलेश के इस बयान से यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह नहीं चाहते कि बसपा को गठबंधन में शामिल किया जाए।

Related Articles

Back to top button