मुख्य समाचार
पुलिस अधिकारियों की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश।
भोपाल पुलिस अधिकारियो की बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पुलिस की दक्षता बढ़ाने वाले विभागीय कार्यों को महत्व दिया जाए। प्रत्येक तरीके के अपराधों पर सख्ती से नियंत्रण हो। मध्य प्रदेश को अपराध नियंत्रण में वर्तमान स्तर को दुरुस्त करना है। स्वतंत्रता दिवस गणतंत्र दिवस जैसे समारोह की गरिमा को ध्यान में रखते हुए हर जिले में पुलिस बैंड तैयार करें। बटालियन में बैंड सीखने में रुचि रखने वाले जवानों को ट्रेनिंग दी जाए। बटालियन के साथ-साथ होमगार्ड में से भी इच्छुक जवानों को पुलिस बैंड में शामिल करें। जिला स्तर पर भी पुलिस बैंड हो। इस बैंड से कार्यक्रमों की गरिमा बनती है। पुलिस थानों के क्षेत्र की सीमाओं के संबध में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने के लिए इसकी योजना बनाएं। थाने के क्षेत्र की जनसंख्या, अपराध केंद्रित क्षेत्र, धार्मिक संवेदनशीलता और अन्य पहलुओं को ध्यान में रखकर योजना बनाएं। जिन धार्मिक स्थानों में वर्ष में कई बार सवारी निकालने, चल समारोह और उत्सव की परम्परा है वहां आवागमन को सहज बनाने, आवश्यक पार्किंग व्यवस्था और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। जोनल मास्टर प्लान बनाते वक्त अथवा सरकारी भूमि के लैंड यूज में बदलाव की योजना में पुलिस भी अपराध और भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखकर अपना अभिमत दे जिससे जनहित में जरूरी प्रबंध हो सकें। पुलिसकर्मियों की दक्षता बढ़ाने के लिए मौजूदा संसाधनों में बेहतर कार्य के प्रयास करें। ओरछा, उज्जैन और अन्य नगरों में धार्मिक मेलों पर भीड़ नियंत्रण की व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाना है। पुलिस बल के पदों पर प्रत्येक स्तर के प्रमोशन समय पर किए जाएं। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा भी पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहन मिलता रहे ताकि वे अपने कार्य और दायित्व को अच्छे से करते रहें। पुलिस कर्मियों की आवास की समस्या का निराकरण हो। पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन स्तर और पुलिस कर्मियों द्वारा निजी स्तर पर आवास की व्यवस्था के लिए सहयोग दिया जाए। पुलिस थानों की सीमाओं के संबंध में कुछ स्थानों पर विसंगतियों की जानकारी मिली है, इन्हें दूर किया जाए।


