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राजपूत क्षत्रिय समाज को बदहाल करने की रणनीतियों के परिणाम गंभीर होंगे: दिनेश सिंह सिकरवार सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या से दुःखी एवं आक्रोशित युवाओं ने बाजार बंद करने का किया निवेदन।
जौरा- मुरैना। राजपूत क्षत्रिय समाज के समाजसेवी दिनेश सिंह सिकरवार ने जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि विगत दिवस जयपुर, राजस्थान में राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के विरोध में आक्रोशित युवाओं ने जौरा नगर के बाजार में पहुंच कर व्यापारियों से हाथ जोड़कर जौरा के बाजार को बंद करने का निवेदन किया। विगत दिवस जयपुर में राजपूत समाज के ख्यातिप्राप्त समाजसेवी नेतृत्व करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की कुछ हमलावरों ने सुनियोजित तरीके से षणयंत्र रचकर उन पर पिस्टलों से गोलियों चलाते हुए उनकी नृशंसतापूर्वक हत्या कर दी गई। हमलावर अपराधियों ने सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की सुरक्षा में तैनात उनके प्रायवेट सुरक्षा गार्ड तथा उनके एक अन्य साथी की भी हत्या कर दी। इस दुःखद असंवेदनशील घटना का सी.सी.टी.फुटेज कल से पूरे देश में न्यूज चैनल्स में लगातार दिखाया जा रहा है। राजस्थान के कुछ शहरों से विरोध प्रदर्शन की भी खबरें आ रही हैं। राजस्थान पुलिस ने अपराधियों की शिनाख्त कर उन्हें गिरफ्तार करने की भी खबर है। खबरों के हवाले से जानकारी मिली है कि राजस्थान के पुलिस कमिश्नर ने मीडिया को बताया कि पुलिस इस घटनाक्रम की गहराई से तहकीकात कर रही है, पुलिस दोषियों को सजा दिलाने का काम करेगी। केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने भी राजस्थान पुलिस कमिश्नर से इस घटना पर बातचीत की है। करणी सेना के कार्यकर्ताओं पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा है कि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी लम्बे समय से पुलिस और सरकार से सुरक्षा की गुहार लगा रहे थे क्योंकि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। परंतु सरकार व पुलिस प्रशासन ने उनकी सुरक्षा प्रदान करने संबंधी प्रार्थना की सुनवाई नहीं की और पुलिस प्रशासन और सरकार की अनदेखी के कारण क्षत्रिय समाज के संरक्षक की हत्या कर दी गई। पूरे देश में राजपूत क्षत्रिय समाज आक्रोशित हो गया है। जगह जगह राजपूत क्षत्रिय समाज इस दुःखद घटना के प्रतिशोध में भावी रणनीति बनाने में जुट गया है। आजादी के बाद से ही देश में राजपूत क्षत्रिय समाज को हर तरह से कमजोर करने की रणनीतियां राजनैतिक पार्टियों द्वारा एक प्रायोजित अभियान चलाया जा रहा है यह एक बहुत ही चिंताजनक बात है राजपूत क्षत्रिय समाज को कमजोर कबाइलियों जैसी स्थिति में पहुंचा दिया गया। राजनैतिक पार्टियों के कुटिल शीर्ष नेतृत्व द्वारा अपनाई जाने वाली इस तरह की की रणनीतियां देश की एकता अखंडता को खतरा पैदा कर देंगी सत्ता की लालसा में स्वार्थपूर्ति के लिए संवैधानिक व्यवस्थाओं को ये राजनेता तोड़ मरोड़कर लागू करने में व्यस्त हैं। राजनैतिक दलों ने सामाजिक न्याय व्यवस्था के नाम पर समाजों में आपसी सहयोग समरसता और सौहार्द के वातावरण को खंडित करने का लगातार काम किया जा रहा है। राजनेताओं में नये नये सामंतवादी लोगों को पैदा किया जा रहा है। एक बहुत बड़ा युवाओं का समूह अपराध और अवैध धंधों की दुनिया में कदम रख रहा है युवाओं के हितार्थ एक गारंटी युक्त राष्ट्रीय युवा नीति बनाने की महती आवश्यकता है। अन्यथा भटकी हुई युवा पीढ़ी के मुठ्ठी भर नौजवान देश के अमन चैन के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।


