ब्रेकिंग
तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी
धार्मिक

गणेश चतुर्थी पर भूलकर भी न करें चंद्र दर्शन, जानें क्या है पौराणिक मान्यता

हिंदू धर्म में गणेश चतुर्थी पर्व का विशेष महत्व है। गणेश चतुर्थी को भगवान गणेश के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। पौराणिक मान्यता है कि भगवान गणेश सौभाग्य और बुद्धि के देवता है और गणेशोत्सव के दौरान यदि भगवान गणेश की विधिवत पूजा की जाती है तो श्रद्धालुओं को सौभाग्य की प्राप्ति हो सकती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, भगवान गणेश का जन्म भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को जन्मे थे। पंचांग के मुताबिक, अनंत चतुर्दशी के दिन गणेशोत्सव का समापन होता है। इस साल गणेश चतुर्थी 19 सितंबर को है और गणेश विसर्जन 28 सितंबर 2023, गुरुवार को होगा।

गणेश चतुर्थी पर न देखें चांद

पौराणिक मान्यता है कि गणेश चतुर्थी पर चंद्र दर्शन नहीं करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन करने से झूठे कलंक लगते हैं। किसी कारण से व्यक्ति पर चोरी के भी झूठे आरोप लग सकते हैं। पौराणिक मान्यता है कि भगवान कृष्ण ने एक महंगी मणि चोरी की थी। नारद ऋषि ने बताया था कि भगवान कृष्ण ने भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को चंद्रमा को देखा था, इसलिए उन्हें झूठे आरोपों का सामना करना पड़ा था।

भगवान गणेश ने चंद्रदेव को दिया था श्राप

नारद ऋषि ने भगवान कृष्ण को बताया कि भगवान गणेश ने चंद्रदेव को श्राप दिया था कि भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को जो भी चंद्र दर्शन करेगा, उसे मिथ्या दोष का सामना करना पड़ेगा। नारद ऋषि की सलाह पर भगवान कृष्ण ने गणेश चतुर्थी का व्रत लिया और उन्हें मणि चोरी के मिथ्या दोष से छुटकारा मिला था।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Related Articles

Back to top button