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वर्षा का दिन में विश्राम रात में रिमझिम फुहार

 लगातार रिमझिम वर्षा के बाद रविवार को दिनभर बादल तो नजर आए लेकिन पानी नहीं बरसा। हालांकि रात में हल्की रिमझिम वर्षा हुई। दिन में उमसभरी गर्मी भी महसूस की गई। इससे लोग हलकान होते रहे। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अभी वर्षा का सिस्टम सक्रिय है। ऐसे में सोमवार को भी वर्षा संभावित रहेगी।

मौसम वेधशाला के मौसम विज्ञानी डॉ एचपी चंद्रा के मुताबिक मानसून द्रोणिका जैसलमेर, दिघा, रतलाम, बेतूल, चंद्रपुर, कोंडागांव, गोपालपुर और उसके बाद दक्षिण पूर्व की ओर उत्तर अंडमान सागर तक 2.1 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण पूर्व विदर्भ और उससे लगे दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर 4.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। एक विंड शियर जोन 20 डिग्री उत्तर में 3.1 किलोमीटर से 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है।

प्रदेश में 24 जुलाई को अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ भारी वर्षा भी होने की संभावना है। प्रदेश के दक्षिण छत्तीसगढ़ अधिकांश स्थानों पर, जबकि उत्तर छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर बारिश संभावित है।

25 जुलाई के आसपास बंगाल के खाड़ी में एक सिस्टम डेवलप होने की संभावना है। इसके कारण प्रदेश में लगातार वर्षा की गतिविधि उतार चढाव के बने रहने की संभावना है। बता दें कि एक जून से अभी तक बिलासपुर में औसत से कम वर्षा हुई है।

बीते सप्ताह स्थिति थोड़ी ठीक रही। मौसम विशेषज्ञ सिराज खान का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में एक निम्न दाब का क्षेत्र बन रहा है जिसके कारण वर्षा की गतिविधियों में तेजी आ सकती है। जुलाई के आखिर में तेज वर्षा की भी संभावना है। आमजन को गर्मी और उमस से इसके बाद थोड़ी राहत मिल सकती है। वही किसानों के लिए भी यह वर्षा लाभदायक होगा।

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