ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मध्यप्रदेश

तानसेन की नगरी ग्वालियर को यूनेस्को ने दिया सिटी ऑफ म्यूजिक का दर्जा

ग्वालियर। मध्य प्रदेश की संगीत नगर ग्वालियर को यूनेस्को ने क्रिएटिव सिटी म्यूजिक का दर्जा दिया है। ग्वालियर वासियों सहित प्रदेश के लोगों के लिए यह गौरवान्वित करने वाला समाचार आज मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर प्राप्ता हुआ है।

यूनेस्को ने क्रिएटिव सिटी नेटवर्क में देश के दो शहरों का चयन किया था। क्रिएटिव सिटी में केरल के कोझिकोड़ की दावेदारी लिटरेचर सिटी की थी, वहीं ग्वालियर की दावेदारी संगीतधानी यानी म्यूजिक सिटी की रही। यूनेस्को ने ग्वालियर को क्रिएटिव सिटी म्यूजिक का दर्जा दे दिया है।

मजबूत रहा ग्वालियर का दावा

यूनेस्को के सामने ग्वालियर का दावा सबसे मजबूत रहा। शहर संगीत को लेकर अधिक समृद्ध और ऐतिहासिक है। ग्वालियर में ही संगीत के सम्राट कहे जाने वाले तानसेन की जन्मस्थली है। तानसेन ही ध्रुपक के जनक रहे हैं। ग्वालियर के राजा मानसिंह ने ही ध्रुप धमार की रचना भी की थी। इनके साथ ही शहर ने कई बड़े संगीतज्ञ भी दिए हैं।

Related Articles

Back to top button