ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
देश

नशे के खिलाफ अभियान, सात महीनों में गिरा अपराध का ग्राफ

नशे के कारोबारियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान और नशेड़ियों के बीच जागरूकता कार्यक्रम के बाद से अपराध के ग्राफ में लगातार गिरावट हो रही है। सात महीनों के दौरान बीते साल की तुलना में अपराधिक घटनाओं में 11 प्रतिशत की कमी आई है। इस दौरान नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट और कोटपा एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई।

एसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि नशे के कारोबारियों के खिलाफ शुरू किए गए निजात अभियान को आगे बढ़ाते हुए जागरूकता कार्यक्रमों से जोड़ा गया। साथ ही नशे की गिरफ्त में आए लोगों की काउंसिलिंग कराई जा रही है। साथ ही कुछ लोगों का उपचार कराया जा रहा है। अभियान के दौरान नशे के कारोबार से जुड़े लोगों पर कार्रवाई की गई। लगातार कार्रवाई के कारण अपराध के ग्राफ में उल्लेखनीय गिरावट देखी जा रही है।

बिलासपुर पुलिस के नशे के विरुद्ध निजात अभियान से अपराधों में हो रही लगातार कमी। मारपीट और चाकूबाजी की घटनाएं कम हुई है। साथ ही चोरी और नकबजनी की घटनाएं कम हुई। जिले में मारपीट की घटनाओं में 11 प्रतिशत कमी आई है। वहीं, चाकूबाजी की घटनाएं 75 प्रतिशत कम हुए हैं। हत्या के प्रयास मामले 70 प्रतिशत और हत्या के मामले में 33 प्रतिशत कमी आई। अभियान के दौरान नशे में वाहन चलाने वालों पर लगातार कार्रवाई की गई। इसके कारण सड़क हादसों में भी कमी आई है। चोरी और नकबजनी के मामले 18 प्रतिशत कम हुए।

दो हजार से ज्यादा जागरूकता कार्यक्रम

नशे के कारोबारियों के खिलाफ फरवरी माह में निजात अभियान शुरू किया गया। इसके साथ ही जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। फरवरी महीने में 290, मार्च में 218, अप्रैल में 505, मई में 438, जून में 455, जुलाई में 316, अगस्त में 311 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसमें अलग-अलग स्वयं सेवी संगठनों व शैक्षणिक संस्थाओं का भी सहयोग रहा।

नशे के कारोबारियों के खिलाफ तीन हजार से ज्यादा केस, एक करोड़ के नशीले पदार्थ जब्त

निजात अभियान के दौरान नशे के कारोबारियों के खिलाफ पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की। इस दौरान सात महीनों में आबकारी और एनडीपीएस एक्ट के तहत तीन हजार 114 मामले दर्ज किए गए। इन मामलाें में तीन हजार 257 लोगों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, 475 लोगों को न्यायालय के आदेश पर जेल भेजा गया। आरोपित के कब्जे से पुलिस ने 12 हजार 625 लीटर शराब जब्त की। वहीं, सात क्विंटल गांजा, 15 ग्राम चरस समेत अन्य नशीले पदार्थ और दवाईयां जब्त की गई। जब्त नशीले पदार्थ की अनुमानित कीमत एक करोड़ 14 लाख से अधिक है।

Related Articles

Back to top button