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मध्यप्रदेश

बहुचर्चित दोगुनी रकम मामले की जल्द शुरू कर सकती है सीबीआइ जांच

बालाघाट। 1500 करोड़ से अधिक के कारोबार बहुचर्चित दोगुनी रकम मामले की जांच जल्द ही सीबीआइ शुरू कर सकती है। दरअसल मई 2022 लांजी,किरनापुर में दोगुनी रकम मामले का खुलासा हुआ था। इसके तार महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ से भी जुड़े होने के चलते ही बालाघाट पुलिस इसकी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय भेजी थी। तीन एफआइआर पर राज्य शासन ने सीबीआइ जांच के लिए अनुशंसा की है। इसके बाद से ही इस बात उम्मीद अधिक बढ़ गई है कि सीबीआइ इस मामले की जांच जल्द ही शुरू कर सकती है। इस बात की पुष्टि भी पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ ने की है।

दोगुनी रकम मामले की सर्वप्रथम एफआइआर लांजी थाना में 17 मई 2022 को सोमेन्द्र कंकरायने समेत अन्य के विरुद्ध अनियमित जमा योजना अधिनियम के तहत हुई थी। लांजी थाना में ही हेमराज आमाडारे समेत अन्य व किरनापुर थाना में अजय तिरके समेत अन्य के विरुद्ध अपराध दर्ज हुआ था। पुलिस ने करीब 13 करोड़ रुपये की राशि के साथ ही अन्य राशि को जब्त किया था जो कि 30 करोड़ के आसपास की है। वहीं कुछ संपति को भी कुर्क करने की कार्रवाई पुलिस के द्वारा की गई है। वहीं इस मामले में 40 से अधिक एफआइआर दर्ज है और बालाघाट पुलिस के द्वारा कार्रवाई की जा रही हैं।

बारीकी से खुलेंगी परतें, लेन-देन कैसे होता था इसका भी चल सकेगा पता

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि ये बालाघाट जिले के लोगों के लिए भी अच्छी बात है कि इस मामले की जांच सीबीआई करें, क्योकि सीबीआई देश सर्वोत्तम एजेंसी है। इनकी जांच जो बालाघाट पुलिस से कमी रह गई होगी तकनीक व बल की कमी के कारण वह भी पूरी हो जाएगी और बारीक-बारीक से पहलू वह ऐसी परते भी खुलेगी जो अब तक भी सामने आ सकी है।वहीं इतने बड़े कारोबार की राशि का लेन-देने कैसे व किस तरह से होता था इसकी भी जानकारी मिल सकेगी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सीबीआई की जांच से आरोपितों को सजा जल्द दिलाने में मदद मिलने के साथ ही लोगों के लगाए गए रुपये भी जल्द मिल सकेंगे। जिसका फायदा दोगुनी रकम मामले में फंसे लोगों को हो सकेगा।

अनियमित जमा योजना के तहत नियम के इसके तहत की गई एफआइआर में अधिक राशि का लेन-देन हो और इसके तार अंतरराज्यीय हो तो इसकी जांच सीबीआइ से कराना अनिवार्य है। जिसके तहत ही संपूर्ण रिपोर्ट हमारे द्वारा मुख्यालय को भेजी गई थी और राज्य शासन ने शुरु की दर्ज तीन एफआइआर की जांच के लिए सीबीआइ से अनुशंसा की है। जिससे उम्मीद है कि सीबीआइ इस मामले की अग्रिम जांच करेगी।

समीर सौरभ, पुलिस अधीक्षक, बालाघाट।

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