ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
धार्मिक

जून से चार माह शुभ कार्यों पर विराम शुरू होगा चातुर्मास

 हिंदू धर्म में मुंडन, विवाह, गृहप्रवेश सहित आदि मांगलिक कार्य मुहूर्त देखकर ही किए जाते हैं। मुहूर्त न होने पर इन मांगलिक कार्यों को कुछ दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया जाता है। अर्थात शुभ व मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाता है। इस माह जून में अब 15 दिन ही विवाह के मुहूर्त शेष हैं। जून के अंतिम सप्ताह में देवशयनी एकादशी होने से पांच महीनों के लिए विवाह आदि मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाएगी। देवशयनी एकादशी से ही चातुर्मास भी लग जाएगा। ज्योतिषाचार्य आलोक उपाध्याय ने बताया कि देवशयनी एकादशी से चातुर्मास का प्रारंभ होता है। इस साल देवशयनी एकादशी 29 जून को है। इस दिन से भगवान विष्णु देवोत्थानी एकादशी तक के लिए योग निद्रा में चले जाएंगे। फिर वे देवउठनी एकादशी को योग निद्रा से बाहर आएंगे, तब चातुर्मास का समापन होगा। देवउठनी एकादशी 23 नवंबर को है। इस तरह से चातुर्मास 30 जून से लगेगा और 23 नवंबर को खत्म हो जाएगा। शुक्ला ने बताया कि इस बार श्रावण पुरुषोत्तम मास होने की वजह से दो माह तक है, इसलिए चातुर्मास की अवधि पांच माह होगी। इस दौरान सभी मांगलिक कार्य बंद रहेंगे।

-पांच माह तक नहीं होंगे विभिन्न मांगलिक कार्य

जून में विवाह के लिए कई शुभ मुहूर्त हैं, जबकि गृह प्रवेश के लिए सिर्फ एक मुहूर्त है। विवाह के लिए तीन से 29 जून तक 15 शुभ मुहूर्त हैं। वहीं गृह प्रवेश के लिए 12 जून का दिन अच्छा है। संपत्ति खरीदने के शुभ मुहूर्त 22, 23 और 29 जून को हैं। वाहन खरीदने के शुभ मुहूर्त आठ, नौ, 12, 21, 26, 28 और 29 जून को हैं। मुंडन संस्कार के लिए आठ जून, उपनयन संस्कार के लिए पांच और आठ जून तथा नामकरण संस्कार के लिए आठ, 12, 14 और 21 जून को शुभ मुहूर्त हैं।

Related Articles

Back to top button