ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश में 92 हजार से अधिक विवादों का सहमति से हुआ निराकरण

जबलपुर। राष्ट्रीय लोक अदालत के जरिये प्रदेश में 92 हजार से अधिक विवादों का परस्पर सहमति से निराकरण हो गया। इस प्रक्रिया में चार अरब से अधिक की मुआवजा राशि वितरित की गई। इस तरह सहज, सुलभ व त्वरित न्यायदान का आदर्श प्रस्तुत हुआ। उक्त जानकारी मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अतिरिक्त सचिव मनोज कुमार सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि हाई कोर्ट की मुख्यपीठ जबलपुर व खंडपीठ इंदौर-ग्वालियर में 19 युगलपीठों के जरिये सुनवाई हुई। जबकि अधीनस्थ अदालतों में 1329 युगलपीठों ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर विवादों के हल का मार्ग प्रशस्त किया। इस बार प्रीलिटिगेशन यानि मुकदमा पूर्व स्थिति के चार लाख 57 हजार 891 प्रकरण सूचीबद्ध किए गए थे, जिनमें से 61 हजार 10 प्रकरण निराकृत करने में सफलता मिली। इसी तरह न्यायालयों द्वारा रेफर लंबित प्रकरणों की संख्या दो लाख 13 हजार 133 थी, जिनमें से 31 हजार 94 मामले निराकृत कर दिए गए। इस तरह कुल सूचीबद्ध छह लाख 71 हजार 24 प्रकरणों में से 92 हजार 104 मामलों में समझौता करा दिया गया।

12 करोड़ 20 लाख लेनदेन के दो मामले सुलझे :

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, इंदौर के न्यायालय ने त्रिवेदी एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड विरुद्ध राजेश व नीरज विरुद्ध राजेश के विवाद निपटाए। ये मामले पांच वर्ष से लंबित थे। इनमें सात करोड़ दो लाख व पांच करोड़ 20 लाख रुपये यानि कुल 20 लाख रुपये के लेनदेन का विवाद था। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बीके शर्मा ने दोनों मामलों के पक्षकारों व अधिवक्ताओं से विस्तृत चर्चा कर आपसी राजनीामा के आधार पर विवाद समाप्त किए।

मोटर दुर्घटना के मामले में 60 लाख मुआवजा दिलाया :

सलमान खान की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। उसकी पत्नी, दो बच्चों व माता-पिता ने मुआवजे के लिए प्रकरण दायर किया था। यह मामला मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, इंदौर के समक्ष दायर था। राष्ट्रीय लोक अदालत में दोनों पक्षों को समझाइश दी गई। इस तरह बीमा कंपनी मृतक के स्वजनों को 60 लाख मुआवजा राशि देने तैयार हो गई।

Related Articles

Back to top button