ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मध्यप्रदेश

अमरकंटक में 20 वर्ष में तैयार हुआ भगवान आदिनाथ का 170 फीट ऊंचा मंदिर

डिंडौरी ।   मां नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक तीर्थक्षेत्र में 170 फीट ऊंचे मंदिर का निर्माण कर विश्व की सबसे वजनी भगवान आदिनाथ जी की प्रतिमा स्थापित कराई गई है। जैन समाज ने 20 वर्ष में भव्य मंदिर तैयार कराया है। यह जैन मंदिर ओडिशी स्थापत्य कला का बिंब होगा। भूकंपरोधी होने के साथ-साथ इस मंदिर में सीमेंट का उपयोग नहीं किया गया है। मंदिर का शुभारंभ कराने के लिए 25 मार्च से दो अप्रैल तक पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव होगा। इस बड़े आयोजन में शामिल होने देश-विदेश से जैन समाज के लोग अमरकंटक पहुंचेंगे।

मंदिर की यह हैं विशेषताएं

-मंदिर की आधारशिला 6 नवंबर 2003 को तत्कालीन उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत ने आचार्य श्री विद्यासागर के साथ रखी थी।

-समुद्र सतह से लगभग 3500 फीट की ऊंचाई पर मैकल पर्वतमाला के शिखर अमरकंटक में मंदिर का निर्माण हुआ है।

-मंदिर निर्माण में सीमेंट का उपयोग नहीं किया गया। पत्थरों को तराशकर गुड़ के मिश्रण से तराशे गए पत्थरों को चिपकाया गया है। दीवारों, मंडप व स्तंभों में आकर्षक मूर्तियां बनाई गई हैं।

-अष्टधातु से ढली आदि तीर्थंकर भगवान आदिनाथ की प्रतिमा विश्व में सबसे वजनी 24 टन की है, जो अष्टधातु के 28 टन वजनी कमल पर विराजमान है। प्रतिमा और कमल का कुल वजन 52 टन है।

-1994 में उत्तर प्रदेश के उन्नाव में इस मूर्ति को ढाला गया था।

-राजस्थान के बंसी पहाड़ के गुलाबी पत्थरों से ओडिशी शैली में मंदिर बनाया गया है। भूकंप के प्रभाव से यह मंदिर पूर्णत: सुरक्षित है।

25 से पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव

जिनालय में स्थापित भगवान आदिनाथ की प्रतिमा का पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव 25 मार्च से आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के ससंघ सान्निध्य में होगा। 20 मार्च से पहले आचार्यश्री अमरकंटक पहुंच जाएंगे।

इनका कहना है

जैन समाज ने इस तीर्थ क्षेत्र के निर्माण में तन-मन-धन से सहयोग किया है। यह मंदिर 170 फीट ऊंचा है। भगवान आदिनाथ जी की विश्व में सबसे वजनी प्रतिमा इसी मंदिर में विराजमान की गई है। गजरथ महोत्सव में देश-विदेश से जैन समाज के लोग शामिल होने पहुंचेंगे।

-डा. सुनील जैन, संरक्षक सदस्य, तीर्थ क्षेत्र अमरकंटक।

Related Articles

Back to top button