ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
विदेश

अफगानिस्तान में तालिबानी ताड़प सजा के तौर पर 20 लोगों को सरेआम कोड़े मारे गए

इस्लामाबाद। तालिबान शासित अफगानिस्तान में कथित व्यभिचार चोरी और अन्य अपराधों के लिए सजा के तौर पर 20 लोगों को सरेआम कोड़े मारे गए। अफगानिस्तान के नए अधिकारियों ने अगस्त 2021 में तालिबान के सत्ता पर काबिज होने के बाद से कठोर नीतियां निर्धारित की हैं जो इस्लामी कानून या शरिया की उनकी व्याख्या को दर्शाती हैं। दक्षिणी हेलमंड प्रांत में गवर्नर के कार्यालय के लिए तालिबान द्वारा नियुक्त प्रवक्ता मोहम्मद कासिम रियाज ने कहा कि हेलमंड की राजधानी लश्कर गाह में स्पोर्ट्स स्टेडियम में कोड़े मारे गए।

रियाज ने कहा कि कुछ लोगों को उनके अपराधों के अनुसार जेल की सजा मिली है। हेलमंड में कोड़े मारने की घटना के एक सप्ताह पूर्व तालिबान ने एक व्यक्ति की हत्या के दोषी को मृत्युदंड दिया था। पिछले साल तालिबान के सत्ता में आने के बाद यह पहला सार्वजनिक मृत्युदंड था। सरकार के शीर्ष प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद के अनुसारपश्चिमी फराह प्रांत में सैकड़ों दर्शकों और तालिबान के कई शीर्ष अधिकारियों के समक्ष पीड़ित के पिता द्वारा असाल्ट राइफल से गुनहगार को मौत के घाट उतार दिया गया। सजा को देने के लिए तालिबान ने काबुल से कुछ अधिकारियों को फराह भेजा था। इन अधिकारियों की रेखरेख में तालिबान लड़ाकों ने हत्या के दोषी को सरेआम गोली मार दी गई थी। इस मृत्युदंड की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हुई थी।

Related Articles

Back to top button