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मध्यप्रदेश

विश्वविद्यालय के अधिकारी पहुंचे तो कहा निरीक्षण करने आए हैं, मामला कलेक्टर तक पंहुचा

उज्जैन: उज्जैन विक्रम विश्वविद्यालय के रमाबाई कन्या छात्रावास में शुक्रवार शाम को कुछ व्यक्तियों के प्रवेश करने के बाद छात्राओं ने हंगामा खड़ा कर दिया और इसकी शिकायत विश्वविद्यालय के अधिकारियों को कर दी ।अधिकारी छात्रावास पहुंचे तो चार से पांच व्यक्ति छात्रावास के ऊपरी मंजिल पर मौजूद थे। तत्काल सूचना आदिमजाति कल्याण विभाग की वार्डन को दी तो बताया गया कि विभाग से कुछ लोग छात्रावास का निरीक्षण करने आए है। बिना सूचना कन्या छात्रावास में प्रवेश के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन कलेक्टर को शिकायत करेगा।विक्रम विश्वविद्यालय के रमाबाई कन्या छात्रावास में रहने वाली विश्वविद्यालय की छात्राओं ने छात्रावास भवन में कुछ लोगों के होने जानकारी के बाद विश्वविद्यालय के विद्यार्थी कल्याण संकायाध्यक्ष डॉ.एसके मिश्रा व अन्य लोग छात्रावास पहुंचे थे। इस दौरान चार-पांच व्यक्ति छात्रावास की तीसरी मंजिल पर पहुंच गए थे। दरअसल विश्वविद्यालय के छात्रावास की ऊपरी मंजिल पर करीब 60 छात्राएं आदिमजाति कल्याण विभाग की रहती है। बताया गया कि विभाग के लोग छात्रावास का निरीक्षण करने पहुंचे है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि कन्या छात्रावास में कोई भी व्यक्ति को जाने की इजाजत नही है। यदि निरीक्षण भी किया जाता है तो पूर्व से सूचना दी जाती है। शुक्रवार को यहां पहुंचे लोगों की सूचना विश्वविद्यालय के छात्रावास की वार्डन या अधिकारी को भी नही थी।छात्राओं ने लगाएं है आरोपरमाबाई कन्या छात्रावास में रहने वाली आदिम जाति कल्याण विभाग और विश्वविद्यालय की छात्राओं के बीच कई बार विवाद की स्थिति बनती है। छात्राओं ने ऊपरी विंग के करीब 15 कमरों में रहने वाली छात्राओं पर अभद्र व्यवहार की शिकायतें भी की है। वहीं आदिम जाति विभाग की छात्राएं छात्रावास के नियमों का पालन भी नही करती है। यहां तक कि छात्रावास में लड़के भी आ जाते है। यही कारण है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी विभाग को पहले भी कई बार छात्रावास खाली करने को पत्र लिखे है।वर्ष 2017 में कुछ दिन के लिए छात्रावास लिया थाविक्रम विद्यालय के रमाबाई कन्या छात्रावास में आदिमजाति कल्याण विभाग की छात्राओं को कुुछ दिन ठहराने के लिए ऊपर के विंग के 15 खबरें वर्ष 2017 में लिए गए थे। यहां पर करीब 60 छात्राएं रह रही है। इसके बाद विभाग ने छात्रावास खाली नहीं किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कई बार आदिम जाति कल्याण विभाग को पत्र भी लिखा। हालांकि आदिमजाति विभाग ने भी छात्रावास खाली करने को लेकर पत्र विभाग को लिखा था,लेकिन कोई हल नहीं निकला।छात्रावास का किराया भी बाकीविश्वविद्यालय के रमाबाई कन्या छात्रावास के ऊपरी विंग में 15 कमरों में करीब 60 छात्राओं का शुल्क सत्र 2017-18 और सत्र 2018-19 का प्रति छात्रा 6500 वार्षिक शुल्क का करीब 7 लाख 80 हजार रूपए जमा करने के लिए आदिमजाति विभाग को पहले भी कई बार पत्र लिखें गए, लेकिन छात्रावास का शुल्क अदा नही किया गया।कुलपति ने कहा हमारी छात्राएं कहां जाएंगीमामले में कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार पांडे ने कहा रमाबाई छात्रावास की ऊपरी विंग को खाली करने के संबंध में पहले भी आदिमजाति विभाग को पत्र दिया गया था। इस वर्ष विक्रम विश्वविद्यालय में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का प्रवेश हुआ है। देशभर से आने वाली छात्राओं को विश्वविद्यालय के पास भी ठहराने के लिए जगह नही है। ऐसे में जो हमारा छात्रावास है, उसमें आदिमजाति कल्याण विभाग की छात्राएं ठहरी हुई है। विभाग को कहा गया है कि हमारे विश्वविद्यालय में भी निरंतर छात्राओं की संख्या बढ़ती जा रही है। इसलिए छात्रावास की ऊपरी विंग खाली की जाए। जिससे विश्वविद्यालय की बाहर की छात्राओं को ठहराया जा सके।

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