ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मध्यप्रदेश

सरकारी स्कूलों में होगी करियर काउंसिलिंग, 11 दिसंबर से कालेज चलो अभियान

इंदौर। सरकारी कालेजों में प्रवेश का प्रतिशत बढ़ाने के लिए अब शिक्षक मैदान में उतरेंगे। जहां उन्हें उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों की काउंसिलिंग करना है। इसके आधार पर छात्र-छात्राओं को कालेजों तक लाया जाएगा। शिक्षकों को हायर सेकेंडरी स्कूलों में पढ़ने वाले 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को उनकी रूचि के आधार पर विषय चयन करने में मदद करना है।

कालेज चलो अभियान के अंतर्गत काउंसिलिंग की जाएगी, जो 11 दिसंबर से 31 जनवरी के बीच रखना है। उच्च शिक्षा विभाग ने कालेजों के दायरे में आने वाले स्कूलों में इन गतिविधियों को संचालित करने के निर्देश दिए है। अधिकारियों के मुताबिक कालेजों में प्रवेश कम होने की वजह से विद्यार्थियों के प्रवेश करवाना है।

विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का करना होगा शांत

विभाग ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कालेजों के शिक्षकों को पांच-पांच सरकारी स्कूलों में करियर काउंसिलिंग कार्यक्रम आयोजित करना है। विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, मेधावी, संबल, गांव की बेटी सहित अन्य योजना के बारे में बताना है। यहां तक कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को लेकर विस्तृत जानकारी देना है। विद्यार्थियों को उनकी रुचि के मुताबिक विषयों का चयन करवाना है। इसके लिए विषय विशेषज्ञों की मदद लेना है। साथ ही प्लेसमेंट गतिविधियों, एनसीसी, एनएसएस के बारे में बताना होगा।

वहीं छात्र-छात्राओं की प्रत्येक संकाय से जुड़ी जिज्ञासाओं को भी शांत करना है। स्कूलों में काउंसिलिंग करने के बाद शिक्षकों को विद्यार्थियों के माता-पिता से भी मुलाकात करना है। ताकि वे अपने बच्चों का कालेज में दाखिला करवा सके। शिक्षकों को स्कूलों का दौरा करने के बाद रिपोर्ट तैयार बनाना होगी, जो उच्च शिक्षा विभाग को भेजी जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक शिक्षकों को अधिक से अधिक विद्यार्थियों का कालेज में प्रवेश करवाना है। रजिस्ट्रेशन भी करवाना है।

Related Articles

Back to top button