ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
धार्मिक

Grahan 2023: एक माह में दो ग्रहण, 14 को सूर्य व 29 को चंद्रगहण, आपकी राशि पर क्‍या होगा प्रभाव

खरगोन। अंतरिक्ष की घटनाओं में रुचि रखने वाले लोगों के लिए अक्टूबर का महीना खास होने वाला है। इस माह खास तरह का सूर्य ग्रहण लगने वाला है जिसे रिंग ऑफ फायर ग्रहण के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा चंद्रग्रहण भी रहेगा। दोनों ग्रहण साल के अंतिम ग्रहण होंगे। इसे राशियों पर प्रभाव पड़ेगा। पंडित अरविंद डोंगरे के अनुसार इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण 14 अक्टूबर को लगेगा।

वहीं चंद्रग्रहण 29 अक्टूबर को होगा। चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा इसलिए सूतक काल भी मान्य होगा। सूतक काल को अशुभ काल या दूषित काल माना जाता है। सूतक काल के दौरान भगवान की पूजा की नहीं होती है। सूतक काल में मंदिरों के कपाट भी बंद कर दिए जाते हैं। इतना नहीं सूतक के दौरान खाना पीना भी वर्जित होता है। मालूम हो कि सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक काल आरंभ हो जाता है।

सूर्यग्रहण को रिंग आफ फायर कहा जाता है

सूर्य ग्रहण को रिंग ऑफ फायर कहा जाएगा। यह 14 अक्टूबर को लगने वाला है। इसे एन्युलर सोलर एक्लिप्स भी कहते हैं। क्योंकि सूरज इसमें एक छल्ले के जैसा दिखने लगता है जिसे अंग्रेजी में एन्युलस कहते हैं। वहीं चांद इसमें एक काली प्लेट के जैसा दिखता है। हालांकि भारत में यह सूर्य ग्रहण नहीं दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक भी मान्य नहीं होगा। इसके बाद 29 को चंद्र ग्रहण होगा।

ऐसा संयोग बहुत कम होता है जब एक ही महीने में सूर्य और चांद दोनों पर ग्रहण लगता है। चंद्र ग्रहण रात के 1.06 बजे शुरू होगा। हालांकि चंद्रग्रहण भारत में भी दिखाई देगा। जिससे सूतक भी रहेगा। पृथ्वी से दूरी होने के कारण चंद्रग्रहण के समय सूरज को पूरी तरह से नहीं ढंक पाता है और इस कारण सूरज का प्रकाश चांद के पीछे से एक रिंग के आकार में फूट पड़ता है। जिसे रिंग ऑफ फायर कहा जाता है।

राशियों पर पड़ेगा प्रभाव

पंडित डोंगरे के मुताबिक सनातन धर्म में ग्रहण का खास महत्व है। इस साल के आखिरी सूर्य और चंग्र ग्रहण अक्टूबर महीना में देखने को मिलेगा। एक ही महीने में दो ग्रहण होने से 12 राशियां प्रभावित होंगी। दोनों ग्रहण का शुभ असर किन राशियों पर पडऩे वाला है। चंद्रग्रहण का भारत में असर रहेगा।

Related Articles

Back to top button