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अतीक-अशरफ हत्याकांड में Supreme Court ने पुलिस पर उठाए सवाल, कहा- ‘कोई जरुर अपराधियों से मिला था’

 माफिया से नेता बने अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की पुलिस हिरासत में हुई हत्या के मामले में शुक्रवार को उच्चतम न्यायलय में सुनवाई हुई। अतीक की बहन नूरी की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिसमें रिटायर्ड जज के नेतृत्व में इस मामले की जांच करवाने की अपील की गई थी।  सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को जमकर फटकार लगाई। सुनवाई को दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की और कहा कि अतीक अहमद की हत्या के समय कई पुलिसकर्मी उनकी सुरक्षा में तैनात थे, फिर भी कई शूटर आकर उसे मार देते हैं। आखिर ये संभव कैसे हुआ? कोई जरूर अपराधियों से मिला हुआ था।

अतीक-अशरफ हत्याकांड में Supreme Court ने पुलिस पर उठाए सवाल
मिली जानकारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जेल से एक नेक्सेस काम कर रहा है। कोर्ट ने यह भी पूछा कि लोगों का भरोसा कैसे बहाल करेंगे? वहीं पुलिस है, जेल में भी ऐसी घटनाएं हो रही है। कोर्ट ने पूछा कि हमें बताएं कि ऐसे मामलों को लेकर  NHRC के दिशानिर्देश क्या हैं? क्योंकि यूपी सरकार की तरफ से पेश वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि हम मामले में याचिका पर विस्तृत जवाब दाखिल करेंगे। साथ ही यह भी बताया कि अतीक अहमद मामले में SIT चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। जिसमें 3 लोगों को आरोपी बनाया गया है। मामले में एक और याचिकाकर्ता वकील विशाल तिवारी ने कहा कि पुलिस के ऊपर भी आरोप लगे हुए है, लोगों का विश्वास बहाल करने की भी ज़रूरत है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 2017 से अब तक के 183 पुलिस एनकाउंटर के बारे में हम जानना चाहते है कि जांच मे अब तक क्या हुआ?

सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर 4 हफ्तों में यूपी सरकार से मांगा जवाब
आपको बता दें कि अतीक की बहन आएशा नूरी के वकील ने कहा कि अतीक अशरफ मामले में जांच आयोग का गठन किया है। वहां उसके बेटे असद के मामले में भी अलग जांच आयोग का गठन किया गया है, उनकी जांच में अब तक क्या हुआ किसी को नहीं पता। हालाकि सुप्रीम कोर्ट ने अतीक की बहन आएशा नूरी की याचिका पर नोटिस जारी कर यूपी सरकार से चार हफ्तो में जवाब दाखिल करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने गैंगस्टर अतीक अहमद और अशरफ की बहन आयशा नूरी द्वारा अतीक अशरफ की पुलिस कस्टडी के दौरान हुई हत्या की सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के रिटायर जज की अध्यक्षता में गठित कमेटी द्वारा जांच की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया और 4 हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा है। कोर्ट ने याचिककर्ता वकील विशाल तिवारी ने कहा चौहान कमीशन की रिपोर्ट में दिए गए सुझाव को लागू नहीं होने का मुद्दा उठाए जाने पर कहा कि यूपी सरकार को यह बताने को कहा कि विकास दूबे एनकाउंटर मे गठित जस्टिस बी एस  चौहान कमीशन की रिपोर्ट में दिए गए सुझाव को लागू किया गया या नहीं।

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