ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
विदेश

भूकंप से कांप गई पाकिस्तान की धरती

इस्लामाबाद । पाकिस्तान के इस्लामाबाद में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 6.3 मापी गई है। गौरतलब है कि आम तौर पर 6.3 तीव्रता का भूकंप बेहद खतरनाक और विनाशकारी होता है। इस भूकंप से जानमान के नुकसान की तत्काल कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। अधिक जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है। बता दें कि बीते साल 22 जून में अफगानिस्तान और पाकिस्तान झटके 6.1 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के दक्षिणपूर्व में था। पाकिस्तान की मीडिया के मुताबिक भूकंप के झटके वहां इस्लामाबाद समेत बाकी शहरों में भी महसूस हुए तब इसकी वजह से लोग डरकर इधर-उधर भागने लगे थे। इससे पहले 17 जून को भी को भी पाकिस्तान में भूकंप आया था। तब इस्लामाबाद पेशावर रावलपिंडी और मुल्तान में ये झटके महसूस हुए थे। ये झटके फैसलाबाद एबटाबाद स्वात बुनेर कोहाट और मलकांडी में भी महसूस हुए।

धरती मुख्य तौर पर चार परतों से बनी हुई है। इनर कोर आउटर कोर मैनटल क्रस्ट क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल कोर को लिथोस्फेयर कहा जाता है। अब ये 50 किलोमीटर की मोटी परत कई वर्गों में बंटी हुई है जिन्हें टैकटोनिक प्लेट्स कहा जाता है यानि धरती की ऊपरी सतह 7 टेक्टोनिक प्लेटों से मिलकर बनी है। ये प्लेटें कभी भी स्थिर नहीं होतीं ये लगातार हिलती रहती हैं जब ये प्लेटें एक दूसरे की तरफ बढ़ती है तो इनमें आपस में टकराव होता है। कई बार ये प्लेटें टूट भी जाती हैं। इनके टकराने से बड़ी मात्रा में ऊर्जा निकलती है जिससे इलाके में हलचल होती है। कई बार ये झटके काफी कम तीव्रता के होते हैं इसलिए ये महसूस भी नहीं होते जबकि कई बार इतनी ज्यादा तीव्रता के होते हैं कि धरती फट तक जाती है।

Related Articles

Back to top button